IT छापेमारी: नेपाल तक फैला है अधीक्षण अभियंता का कारोबार,रडार पर साथी

IT छापेमारी: नेपाल तक फैला है अधीक्षण अभियंता का कारोबार,रडार पर साथी

IT छापेमारी: नेपाल तक फैला है अधीक्षण अभियंता का कारोबार,रडार पर साथी

नोएडा: नामी-बेनामी आकूत संपत्ति के मालिक उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश्वर सिह यादव का कारोबार नोएडा से नेपाल तक पसरा हुआ है। बिल्डर लाबी से लेकर सरकारी ठेकेदारों के बीच गहरी पैठ मानी जा रही है। सूत्र बताते है कि सत्ता पक्ष व विपक्ष में बेहतर तालमेल के जरिए ही हाल में नोएडा में तैनाती मिली थी।

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लेकिन उसके पिछली सरकार में सत्ता के सबसे मजबूत माने जाने वाले तीनों केंद्रों के नेताओं से अच्छे संबंध रहे है। इन्हीं कारणों से उसे एनटीपीसी दादरी से मुफ्त में फ्लाई एश उठाकर ईट बनाने की अनुमति मिली। जिसके लिए यादव ने करीब चार वर्ष पहले ही दादरी जारचा में आटो क्लेव कंकरीट ब्लाक बनाने का हाईटेक प्लांट लगाया है। जिसमें करीब 200 करोड़ रुपये खपाने की बात कही जा रही है।

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बताया जाता है कि इस प्लांट के जरिए भी बहुत बड़ा टैक्स चोरी का खेल राजेश्वर की ओर से खेला गया है। चूंकि फ्लाई एश पर जीएसटी लागू होने से पहले सिर्फ पांच फीसद टैक्स था। जबकि आटो क्लेव कंकरीट ब्लाक बनने के बाद उस पर 12.5 फीसद एक्साइज टैक्स था। अन्य टैक्स को मिलकर यह उत्पाद 28 फीसद की श्रेणी में आता था, लेकिन कंपनी की ओर से फ्लाई एश की आड़ में उसने आटो क्लेव कंकरीट ब्लाक बेचकर केवल पांच फीसद टैक्स की बिलिग की जा रही थी। जीएसटी के लागू होने के बाद फ्लाई एश पर 12 फीसद और आटो क्लेव कंकरीट ब्लाक 28 फीसद सीधा टैक्स हो गया था। जो हाल में बदलकर टैक्स स्लैब 5 और 12 फीसद हो चुका है।

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यहीं ब्लाक बिल्डर लाबी से लेकर सरकारी ठेकेदार को टैक्स चोरी कर बेचा जा रहा था। इसलिए नोएडा से लेकर नेपाल तक कारोबार पसारा हुआ था। बताया जाता ही इसी कारोबारी प्रतिस्पर्धा के कारण राजेश्वर सिह यादव की शिकायत की गई और इसके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। आयकर के अधिकारी अब राजेश्वर सिह यादव के किन किन रसूखदार नेताओं से संपर्क में है। उनका कितना कालाधन उसने अपने जरिए खपाया है। यह जब्त दस्तावेजों के आधार पर जानने का प्रयास कर रही है।

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अधिकारी यह भी बता रहे है कि नोटबंदी के दौरान उसने बहुत सा कालाधन खुद का भी सफेद किया है और अपने संबंधों के आधार पर भारत से नेपाल तक कालाधन को सफेद कराने में इस्तेमाल किया। यह सभी कडियां जुड़ रही है। जल्द अन्य लोगों के यहां पर छापेमारी हो सकती है। एनसीआर में जिस प्रकार के दस्तावेज आयकर की टीम के हाथ लगे है। वह सभी इसी ओर इशारा कर रहे है।

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