सेनेटरी नैपकिन के लिए लगी वेंडिंग मशीन, डालना होगा 5 रुपए का सिक्का

कानपुर: यूपी सरकार के किशोरी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बुधवार को एक हजार स्कूली छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन बांटे गए। कार्यक्रम में छात्राओं को अब शर्माने की नहीं बल्कि आगे बढ़कर खुद सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल करने और साथियों को जानकारी देने को प्रेरित किया गया। डी जी गर्ल्स कॉलेज प्रदेश का पहला संस्थान है जहां सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाया गया है। इस मशीन को जेसीआई संस्था ने लगवाया। कॉलेज के गर्ल्स टॉयलेट के बाहर और अंदर इस वेंडिंग मशीन को लगाया गया। इस मशीन के इस्तेमाल के बारे में जेसीआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री भाजे ने वेंडिंग मशीन से नैपकिन निकालने और उसे डिस्ट्रोय करने का तरीका बताया।

पांच रुपए में नैपकिन
वेंडिंग एटीएम मशीन में पांच रुपए का सिक्का डालते ही इससे एक नैपकीन बाहर आ जाएगा। यह नैपकिन हाइजेनिक और डिस्पोजेबल होगा।

देशभर में लगेंगे 2000 मशीन
नेशनल फ्लैगशिप प्रोग्राम 2016 के तहत ‘सुरक्षा’ नाम से इसे चलाया जा रहा है। साल 2016 में देशभर में करीब दो हज़ार सेनेटरी नैपकीन वेंडिंग और डिस्ट्रोय एटीम लगाया जाएगा। पहली लॉट में इसे देश भर के लड़कियों के कॉलेज, स्कूलों में लगाया जाएगा। इसके बाद इसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाएगा।

डिस्ट्रोय करना आसान
नैपकिन को इस्तेमाल के बाद आसानी से डिस्ट्रोय किया जा सकता है। डिस्ट्रोय मशीन को चालू करने के बाद इसके कंट्रोल पैनल पर दी हुई एमसीबी को चालू करना होगा। इसके बाद मशीन चालू करते ही मशीन में पड़ा पैड जलकर राख हो जाएगा। डिस्ट्रोए मशीन में एक बार में चार से पांच नैपकीन को डिस्ट्रोय किया जा सकता है।

कॉलेज की प्रिंसिपल मीता जमाल के मुताबिक़ महिलाओं के लिए अच्छी पहल है। उन्होंने महज पांच रुपए में एक नैपकिन पैड उपलब्ध होने पर ख़ुशी जताई। जेसीआई कानपुर चैप्टर के अध्यक्ष अमित रूंगटा के मुताबिक़ ये प्रदेश का पहला सेनेटरी नैपकिन एटीएम है। कानपुर में कुल पांच और स्कूल और कॉलेज में इसको लगाया जाएगा।

तीन कॉलेज की छात्राओं में बांटा गया सेनेटरी नैपकिन
गोविंदनगर इलाके के आर्यकन्या इंटर कॉलेज, खालसा इंटर कॉलेज और मायादेवी इंटर कॉलेज की करीब एक हजार छात्राओं को एक परिसर में जमा किया गया। यहां क्लास छह से 12वीं तक की छात्राएं मौजूद थीं। इन्हें सेनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल और स्वास्थ्य को बेहतर रखने के बारे में विस्तार से बताया गया।

मुफ्त बंटे नैपकिन
छात्राओं के बीच डीआईओएस संगीता यादव मौजूद थीं। उन्होंने छात्राओं को पैड के इस्तेमाल की विधि बताई। कई छात्राओं ने इस दौरान सवाल भी किए। संगीता यादव ने प्रति छात्रा एक-एक नैपकीन पैड बांटे। छात्राओं को ये फ्री में दिए गए। इस एक नैपकीन पैड की कीमत करीब बीस से पच्चीस रुपए है।

नीचे की स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो :

[su_slider source=”media: 8459,8460,8461″ width=”620″ height=”440″ title=”no” pages=”no” mousewheel=”no” autoplay=”0″ speed=”0″]