चिन्मयानंद केस: रेप पीड़िता भी हो सकती है गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के वरिष्ठ नेता स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

Published by Aditya Mishra Published: September 23, 2019 | 2:53 pm
Modified: September 23, 2019 | 2:56 pm

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। विशेष जांच दल (एसआईटी) के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने कहा कि चिन्मयानंद से जबरन धन वसूलने के लिए पीड़िता के दोस्त संजय सिंह तथा दो चचेरे भाइयों – सचिन और विक्रम ने चिन्मयानंद को फोन किया था और इस साजिश में पीड़िता भी शामिल थी।

शुक्रवार को चिन्मयानंद को गिरफ्तार किए जाने और जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों के बाद तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों ने कहा कि चूंकि जांच के सभी आदेश शीर्ष अदालत ने दिए थे, इसलिए एसआईटी पीड़िता को गिरफ्तार करने से पहले कोर्ट को सूचित कर सकती है।

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डिवीजन बेंच ने 164 की अर्जी ठुकराई

डिवीजन बेंच ने छात्रा द्वारा मजिस्ट्रेट के सामने 164 का बयान दोबारा दर्ज कराए जाने की मांग वाली अर्जी भी ठुकराई दी है।
अदालत ने कहा इसके लिए छात्रा ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर सकती है।

यह बेंच निचली अदालत के काम में दखल नहीं देगी। छात्रा ने अपनी याचिका में मजिस्ट्रेट बयान के वक्त एक अंजान महिला के मौजूद रहने और सिर्फ अंतिम पेज पर ही दस्तखत कराने का आरोप लगाया था।

अदालत ने यूपी सरकार की तरफ से इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में किए जाने की मांग भी ठुकरा दी। सुनवाई के दौरान अदालत एसआईटी की अब तक की जांच से फौरी तौर पर संतुष्ट नजर आई।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले में 22 अक्टूबर को फिर से सुनवाई करेगी। एसआईटी को 22 अक्टूबर को कोर्ट में अगली प्रोग्रेस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

छात्रा पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

एसआईटी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन उनके ऊपर रेप का केस नहीं दर्ज किया।

जबकि आरोप लगाने वाली लड़की के खिलाफ एसआईटी ने चिन्मबयानंद को ब्लैंकमेल कर 5 कारोड़ की फिरौती मांगने का केस दर्ज कर उसके तीन साथियों को जेल भेज दिया है।  लड़की की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।

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ये है पूरा मामला

स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम करने वाली छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो पोस्ट किया था।

इसमें उसने कहा था कि एक संन्यासी ने कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी है और उसे और उसके परिवार को इस संन्यासी से जान का खतरा है।

उसके बाद लड़की के पिता ने चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।

इस मामले पर अगर शुरुआत से गौर फरमाए तो मामले में सबसे पहले लड़की ने साउथ दिल्ली के एक पुलिस स्टेशन में मामले की तहरीर दी।

जिसके बाद वह चार लड़कों(संजय सिंह, सचिन सेंगर, विक्रम और सोनू)के साथ एक गाडी में बैठकर राजस्थान के दौसा जिले चली गयी।

उसके बाद एक वीडियो वायरल होता है। जिसमें छात्रा स्वामी पर गंभीर आरोप लगाते हुए नज़र आती है। इसके बाद पीड़िता के पिता पुलिस के पास पहुंचते हैं।

जहां पुलिस रेप का केस दर्ज करने से मना कर देती है और सिर्फ अपहरण का केस दर्ज करती है। उसके बाद वायरल वीडियो तूल पकड़ता है और मामला सबके सामने आता है।

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