सपाई राग में मिल गए अफसरों के सुर, CM ने भी दोहराया अफसरों का स्लोगन

कार्यक्रम में नगर विकास सचिव एसपी सिंह, नगर विकास सचिव के रूप में कम और सरकार के प्रवक्ता की तरह ज़्यादा नज़र आये। उन्होंने आधी अधूरी योजनाओं के उद्घाटन पर विपक्षियों का विरोध झेल रहे मुख्यमंत्री की तरफदारी करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने काम किया है।

सपाई राग में मिल गए अफसरों के सुर, CM ने दोहराया अफसरों का स्लोगन

लखनऊ: आईएएस वीक की शुरुआत कुछ इस तरह हुई, कि सरकार और अफसरशाही के बीच का फासला मिट गया। हाल ये है, कि अगर अखिलेश यादव अच्छे अफसरों की तारीफ करते हैं, तो बदले में सरकारी अफसर भी अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ सुनना पसंद नही करते। सरकार और अफसरों के बीच यह दोस्ती इतनी गहरी हो चुकी है कि अब सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी अफसर सरकार की तरफ से विरोधियों को जवाब देने का काम खुद करने लगे हैं।

बदल गए नगर सचिव के अंदाज़, उतरे मुख्यमंत्री के बचाव में
-दोस्ती की कुछ ऐसी ही बानगी नज़र आयी सरकार के आसरा आवासीय योजना और ई रिक्शा वितरण कार्यक्रम में।
-कार्यक्रम में नगर विकास सचिव एसपी सिंह, नगर विकास सचिव के रूप में कम और सरकार के प्रवक्ता की तरह ज़्यादा नज़र आये।
-सरकार के काम गिनवाते हुए एसपी सिंह ने आधी अधूरी योजनाओं के उद्घाटन पर विपक्षियों (बसपा सुप्रीमो मायावती) का विरोध झेल रहे मुख्यमंत्री की तरफदारी करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने काम किया है।
-सरकार के बचाव में उतरे नगर विकास सचिव ने कहा कि जब योजनाएं अस्सी फीसदी तक पूरी हो चुकी हैं तो क्या उनका उद्घाटन नही किया जा सकता।
-सीएम के विरोधियों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं चुनाव आने वाला है इसलिए ऐसा कर रहे हैं, अब जब सरकार ने काम कर के दिखाया है तो क्या उसको गिनवाएं भी नहीं।
-उन्होंने कहा कि अब हमसे कोई सरकार के काम पूछेगा तो बस एक ही जवाब होगा ‘काम बोलता है’।

अफसरों की बात सुन कर गदगद हुए सीएम, फ़ौरन कैश कराया स्लोगन
-सरकार की योजनाओं को गिनवाकर उत्साहित हो चुके नगर विकास सचिव अफसर का चोला उतार कर समाजवादी कार्यकर्ता बन गए और सार्वजनिक तौर पर कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ मिल कर एक सुर में कहा “काम बोलता है”।
-सपा के स्लोगन को अपना बना चुके एसपी सिंह सरकार की दरियादिली का भी ज़िक्र करने से नही चूके, इस बार उनका निशाना विरोधियों पर था।
-अफसरों के मुंह से सरकार की तारीफ सुनकर गदगद हो चुके मुख्यमंत्री भी ‘काम बोलता है’ के स्लोगन को कैश कराने से नही चूके।
-उन्होंने कहा कि अभी तक हमें लगता था कि ‘काम बोलता है’ नारा सिर्फ सरकार का है, लेकिन आज मुझे पता चला की यह तो अफसरों का भी नारा बन चुका है।