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सुशील कुमार वर्मा कश्मीर, जनसंघ, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बलराज मधोक। भाजपा से जुड़े  इतिहास के जानकारों के लिए यह रुचिकर विषय हो सकता है। आज जब भाजपा के रूप में जनसंघ की वह धारा थोड़ी सी बदली है, तो बहुत कुछ याद आ रहा है। यह भी सोचना पड़ रहा है, कि आखिर क्यों …

कह रहीम कैसे निभै बेर केर के संग।  वो डोलत रस आपनो उनके फाटत अंग।। बिहार की सियासत इन दिनों रहीम के इस दोहे से दो चार हो रही है। लालू और नितीश का बेमेल गठबंधन टूटने की कगार पर है। इसे बचाने के लिए अपने बेटे और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सियासी कैरियर को …

देश भर में ये पहला मामला है, जब किसी राज्य सरकार ने राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सैट) के अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष सहित दस सदस्यों की आयुसीमा कम कर दी है।

विजय शंकर पंकज लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई में महाघमासान मचा हुआ है। मीडिया में भाजपा की कलह पर भले ही शांति का लबादा पड़ा हो परन्तु राज्य मुख्यालय से लेकर सचिवालय के सत्ता के गलियारे, मंत्रियों/ सांसदों, विधायकों के आवास से लेकर क्षेत्र और जिला भाजपा कार्यालयों से क्षेत्रीय, मंडल और बूथ …

मुलायम सिंह को दरकिनार कर अखिलेश यादव ने भले ही समाजवादी पार्टी पर कब्जा कर लिया हो पर पार्टी पर उनकी पकड़ उतनी मजबूत नहीं दिख रही है। जितनी बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह की थी। अब अकेले शिवपाल ने ही नहीं पार्टी और परिवार के अंदर भी अखिलेश यादव के सामने चुनौतियों बढती जा …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को सियासत का अखाड़ा कहा जाय तो गलत नहीं होगा। यहां जीत-हार के हर दांव है। हर शह और मात में दांव का मजा है। हर दांव की सीख है। हर सीख के बाद नए दांव हैं। चुनाव भले ही राष्ट्रपति का हो रहा हो पर सियासी दांवपेंच में यूपी में कोई …

राजकुमार उपाध्याय लखनऊ। गोमती रिवर फ्रंट की सीबीआई जांच की सिफारिश की फाइल कहीं गुम हो गयी सी लगती है। सीबीआई जांच रोकने के लिए सत्ता के गलियारों में इतनी जबर्दस्त लॉबिंग चल रही है, कि मामला जस का तस पड़ा है। योगी सरकार के सत्ता में आते ही अखिलेश सरकार के जिन कामों को …

लखनऊ: ‘जरा मौसम तो बदला है, मगर पेड़ों की शाखों पर नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे’ जी हां, उत्तर प्रदेश में सत्ता बदली सत्ता का निज़ाम बदला। ऊपर से लेकर नीचे तक यानि पुलिस महानिदेशक से लेकर थानेदार तक बदल दिए गए, लेकिन अगर नहीं बदला कुछ तो वह है अपराधियों …

  लखनऊ: चावल, गेहूं, दाल और फल-सब्जियों के बूते शरीर को पोषक तत्व मुहैया कराने का सपना अब दूर की कौड़ी हो गई है। आपको खुद और अपने बच्चे को कुपोषण से बचाने के लिए अब धरती की कोख से उपजने वाले अनाज और फल-सब्जियों के अलावा कृत्रिम पौष्टिक अहारों पर अधिक निर्भर रहना पड़ेगा। …

आरबी त्रिपाठी लखनऊ। अजीब दास्‍तां हैं ये, कहां शुरू कहां खतम…ये मंजिलें हैं कौन सी…न वो समझ सके न हम…..की तर्ज पर सत्‍ता के गलियारों में कहीं कुछ अजीब सा घटित हो रहा है। काफी कुछ छिपा रहता है लेकिन कभी-कभार दिख भी जाता है, जैसा कि गुरुवार की शाम को राजधानी के साइंटिफिक कन्‍वेंशन …